छतरियां
रामलाल ने फौजियों के आने-जाने वाली पहाड़ी पर अपनी चाय की टपरी खोली थी. फौजी देश की सेवा कर रहे
Read Moreएक मंदिर में सब लोग पगार पर काम करते थे, घंटा बजाने वाला भी पगार पर था.घंटा बजाने वाला आदमी
Read Moreबात लगभग 65 साल पहले की है. मैं छोटी-सी बच्ची थी. मेरी एक सहेली ने हारमोनियम सीखने का मन बनाया.
Read More“यह तो वही जगह है न, जहां हम नाव में सवार होकर डोलते थे! कैसी सूख-साख कर बंजर-सी लग रही
Read Moreजल है तो कल है,जल जीवन है, बल है,जल-बिना जीवन सूना,यह बात अटल-प्रबल है। जल की बूंद-बूंद अनमोल,देती जीवन में
Read Moreबारात में लाइट का हंडा लेकर चलने वाली बिम्मो का मन डोल रहा था। दूसरों की खुशी को रोशन करने
Read Moreटूटते परिवार की बात करते हो,दिन-रात आहें भरते हो,तनिक विचारो तो सही,इसका दोष किस पर धरते हो? बच्चों को सुसंस्कार
Read Moreतप रही है धरा, सूरज अगन लगाए,सोए बैरी बदरवा, उनको कौन जगाए!पानी-पानी पंछी पुकारें, सुन ले उनकी गुहार,ये मन मांगे;
Read Moreसुमति-कुमति के संग में, जीवन बीता जाय,जहाँ सुमति वहाँ जीत है, कुमति हार बलाय। जग को बदलना मुश्किल है, खुद
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