आजादी है अनूठे हर्ष का एहसास
आजादी है अनूठे हर्ष का एहसास,प्रकृति की के दुःख-दुविधा-कष्ट हरें,वक्त का तकाजा है अब पत्थर ही बोलेंगे,दिलों से कह दो
Read Moreआजादी है अनूठे हर्ष का एहसास,प्रकृति की के दुःख-दुविधा-कष्ट हरें,वक्त का तकाजा है अब पत्थर ही बोलेंगे,दिलों से कह दो
Read Moreआजादी के मायने क्या हैं,जीवन हो ओजपूर्ण बयार,ओज-बिना जीना भी क्या जीना,ओजहीनता पराधीनता का सार। आधुनिक बनो सोच से,भूलो मत
Read Moreधरती सुंदर अंबर सुंदर, नदियां-पर्वत-सागर सुंदर,अपना देश है बहुत ही सुंदर, झंडा तिरंगा सबसे सुंदर।इस झंडे की रक्षा हेतु, बलिदान
Read Moreकिस्मत ऊपर से बनकर नहीं आती,बनानी पड़ती है,क़िस्मत लिखने को अपनी कलम-स्याही,जुटानी पड़ती है,बिना प्रयास सफलता यों ही तो नहीं
Read Moreधराली धराशायी हो गई,विपदा भी व्यस्त हो गई,प्रकृति-प्रेम के झूठे वादों से,पर्वतीय धरा ध्वस्त हो गई। गरजे-बिना गरजे थे बादल
Read Moreकन्हैया रात सपने में आया,क्या अनोखा नजारा था,कन्हैया मुझे निहार रहा था,मैंने कन्हैया को निहारा था। मोरमुकुट वाले बंसी-बजैया,नाग-नथैया, धेनु-चरैया,सामने
Read Moreतू चकवा मैं चकोरी तेरी,तेरे सिवाय मेरा कोई नहीं,प्रीत अमर है हमारी-तुम्हारी,रात भर फिर मैं क्यों सोई नहीं! दूर नहीं,
Read Moreसावन बरसे, मनवा तरसे,सजना तुम अब तक नहीं आए,रिमझिम-रिमझिम बुंदियां बरसें,बरसे बदरिया, तनिक न भाए। कुछ श्रृंगार भी रास न
Read Moreसावन में छन-छन करती हरी-हरी चूड़ियां,हरी साड़ी के साथ संगत करती चूड़ियां,हरियल मेंहंदी से जैसे आ जाती लाली-लालिमा,गोरी को लाज
Read More