शब्दों को ही ताकत बनाएं
कल्पना के तुरंग पर होकर सवार, शब्द चले आते हैं,अपनी अहमियत बताकर, हमें सचेत कर संवार जाते हैं.कभी सूर्य-सम तेजवान,
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Read Moreआज अम्मा बहुत खुश नजर आ रही थी, लेकिन कुछ दिन पहले तक क्या सोच रही थी!“फसल तो अच्छी हुई
Read More“वह धूप का टुकड़ा था या नारी की बेचारी अस्मत का साक्षी!” न धूप का टुकड़ा समझ पा रहा था
Read Moreआज अंजना बड़े ओहदे वाली थी, उसके घर में पीने को बहुत पानी था और समाज में इज्जत का पानी
Read Moreअर्पिता का पहला प्रेम योग था और वह अपना योग स्टूडियो चला रही थी, लेकिन 22 साल की उम्र में
Read Moreसमाचार जानने के लिए वह अखबार का जमाना था. मिन्नी ने एक दिन एक समाचार पढ़ा और एकदम शोर मचा
Read Moreबोल न पाएं लाज-भरे अधर,पर मन सब कह जाता है,कहना चाहे बात जो मन की,गीत रूप में गुनगुनाता है। मादकता
Read Moreमेरा जन्मदिन आया है,मन मेरा हर्षाया है,मनपसंद उपहार मिले हैं,केक भी प्यारा आया है। दादा जी ने दिया दुलार,पापा जी
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