बंधन-कटैया श्री कृष्ण
विधा- कविताशीर्षक- बंधन-कटैया श्री कृष्ण जब-जब धर्म की हानि होती, प्रभु लेते अवतार हैं,द्वापर में श्री कृष्ण रूप में, आए
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Read Moreविधा- कविताशीर्षक- मानव में मानवता जाने क्यों अक्सर लोग कहते हैं,आजकल मानव में मानवता न रही,क्या खुद के अंदर एक
Read Moreविधा- भाव गीतशीर्षक- मत रोको बेटी की उड़ान मत रोको बेटी की उड़ान,छू लेने दो उसको आसमान,सूरज बन उजियारा करेगी,बेटी
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- सावन के त्यौहार आया श्रावण मास, लाया खुशियों का विश्वास,भगवान शिव की आराधना, प्रभु-मिलन की आस। बरसेंगे गगन
Read Moreआ गए मोहन ह्रदय में अब निकल पाना कठिन हैभव से तर जाना सरल है-1.सौप दी जब डोर जीवन की
Read Moreयूँ ही अचानक एकाकीपन में,आज फिर उपस्थिति हुई तुम्हारी,सहरा में जैसे सुमन खिल गया हो,खुशी से आंखें हो गईं नम
Read Moreशिव जी बसे हैं मेरे दिल में, उनकी महिमा न्यारीअवघड़दानी शिव बाबा को, पूजे दुनिया सारी-कहलाते कैलाशी, शिव जी हैं
Read Moreवैसे तो बेटियों को हर पल मायके की याद आती है, लेकिन सावन के आते ही सभी बेटियों-बहिनों को मायके
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- वैराग्य के भागी छोटे-बड़े और खोटे-खरे काभाव न जिसके मन में आए,खाली-भरा या ऊंचा-नीचा,जिसकी नजर को ना भरमाए।
Read More(21 अगस्त “विश्व उद्यमिता दिवस” पर विशेष) विधा- कविताशीर्षक- युवा, बनो देश का मान तुम कौशल के भंडार हो,शक्ति-स्वरूप साकार
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