तेरी परछाईं!
विधा- कविताशीर्षक- तेरी परछाईं! मेरे साथ चलती है मेरी परछाईं,लगता है साथ मेरे तू चलती आई,आज क्यों दूर-सी खिसक रही
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- तेरी परछाईं! मेरे साथ चलती है मेरी परछाईं,लगता है साथ मेरे तू चलती आई,आज क्यों दूर-सी खिसक रही
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- जब चंदा चमके आकाश में जब चंदा चमके आकाश में,तुम आना पिया मेरे पास में,मन महकेगा, तन चहकेगा,आनंद
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- श्री कृष्ण हमारे सारथी और गुरु हमारे जीवन रथ के सारथी श्री कृष्ण और गुरु,जीवन की रणभूमि में
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- मेरे कृष्ण, मेरी दृष्टि में मेरे कृष्ण केवल मंदिरों में विराजमान,एक आराध्य नहीं, मेरे जीवन की दृष्टि हैं,मेरे
Read Moreबसो मेरे नयनों में तुम श्याम विधा- कविताशीर्षक- बसो मेरे नयनों में तुम श्याम मेरे मुरलीधर घनश्याम,बसो मेरे नयनों में
Read Moreशिक्षा चक्र पिरामिडशिक्षाशिक्षा है विकास का साधन,साधन से ही साध्य है मिलता,मिलता शिक्षक से है ज्ञान,ज्ञान से बन जाते हैं
Read Moreएहसासों से लिखे जाते हैं जहाँ रिश्ते,शब्दों के मोहताज नहीं होते जहाँ रिश्ते,चारों तरफ से प्यार होता है “परिवार”,स्नेह की
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