लघुकथा- कौन अच्छा
“दादा जी, बरसात रुक नहीं रही, बाढ़ आ रही है, हम यहाँ मचान पर बिना खाये-पिये फंसे हुए हैं, अब
Read More“दादा जी, बरसात रुक नहीं रही, बाढ़ आ रही है, हम यहाँ मचान पर बिना खाये-पिये फंसे हुए हैं, अब
Read Moreबचपन का वह दौर सजीला,कभी रूठना कभी #मचलना,खेल-खेल में गिर भी जाते,गिर-गिरकर फिर स्वयं सँभलना । हँसते-हँसते रोने लगना,लोरी सुनकर
Read Moreभोलापन चंदू का देखो,चटनी चाटी चाचा ने,जाने क्या दद्दू से बोला,मार खाई मामा ने!मामा तो चंदमामा थे,झट तारों की सभा
Read Moreमुझको कहते बाल सलोना, मैं अपनी मम्मी का खिलौना,मुझको भातीं चीजें कितनी, सबसे प्यारा मेरा खिलौना।सबसे पहले मुझको भाया, झन-झन
Read Moreरंगबिरंगी तितली हूँ मैं, फूलों का रस लेती हूँ,कहते सभी सयानी हूँ, बच्चों को खुशियां देती हूँ।चंचल-नटखट-कोमल हूँ, पंख हैं
Read Moreमुझको बड़ा सुहाना लगता, कोई भी हो मेला,मेले में हो सजे-सजाए, लोगों का बस रेला।कुल्चे-छोले-रबड़ी-कुल्फी, खेल-खिलौने न्यारे,झूले-हाथी-ऊंट सवारी, मेले के
Read Moreगणपति जी का रूप निराला,सूंड-सी नाक है गज मुख वाला,चारभुजाधारी गणदेवा,मूषक वाहन पेट विशाला। आओ माटी के गणेश बनाएं,हम भी
Read Moreगणेश जी का वैज्ञानिक महत्व उनके रूप और प्रतीकात्मकता में निहित है, जहां हाथी का सिर बुद्धि और ज्ञान का
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