लोरी
मां की मीठी लोरी आज भी, कानों में है गूंज रही,चांद-खिलौना दूंगी तुझे मैं, आज भी नहीं मैं भूल रही।परियों
Read Moreमुझको बड़ा सुहाना लगता, कोई भी हो मेला,मेले में हो सजे-सजाए, लोगों का बस रेला।कुल्चे-छोले-रबड़ी-कुल्फी, खेल-खिलौने न्यारे,झूले-हाथी-ऊंट सवारी, मेले के
Read Moreगणपति जी का रूप निराला,सूंड-सी नाक है गज मुख वाला,चारभुजाधारी गणदेवा,मूषक वाहन पेट विशाला। आओ माटी के गणेश बनाएं,हम भी
Read Moreगणेश जी का वैज्ञानिक महत्व उनके रूप और प्रतीकात्मकता में निहित है, जहां हाथी का सिर बुद्धि और ज्ञान का
Read Moreपापा ने साइकिल दिलवाई, चलने की मुझे रीत सिखाई,जन-चेतना जगाऊंगा अब, इसमें ही है सबकी भलाई।रंग बिरंगी साइकिल मेरी, मित्रों
Read More11-11 की दो टीम बनाएं हो-हो-हो,आओ मिल-जुल खेलें हम खो-खो,एक के बाद दूजे की आए बारी,एक दौड़ लगाए, दूजा पकड़े
Read More