लघुकथा – सवाल
सास के कहने पर बहू कन्या पूजन के लिए मंदिर पहुँची और एक प्यारी-सी आठ साल की बच्ची को दंडवत
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Read More“रंडी, साली को जवान बेटे की भी चिंता नहीं।” सत्तर साल के बूढ़े की जुबान कैंची समान चल रही थी।
Read Moreकवि सम्मेलन में दर्जनों कवि कवयित्री उपस्थित थे। उनमें से कई नामचीन साहित्यकार भी थे। मंच पर जब एक एक
Read More“आपके परिवार में पाँच वोटर हैं। ये रहे पंद्रह सौ रुपये। मुखिया जी को ही वोट देना है। दूसरी बार
Read Moreबूढ़ी हो चली काया झुर्रियाँ हैं इसकी गवाह, बूढ़ा बरगद -सा बाप है फिर भी खड़ा निज अनुभव से संतान
Read More“तुम्हारी मम्मी छठ की पूजा नहीं करती! क्यों ?” प्रशांत ने कहा। “नहीं। मेरे मुहल्ले में कोई भी परिवार छठ
Read More“इस साल भी दिवाली की खुशी नसीब नहीं है! लोगों की आस्था कम हो गई है अपने धर्म पर, सिर्फ
Read Moreआज सुभाष बाबू के पोते का अन्नप्राशन है। इसलिए “गुप्ता -परिवार” में काफी चहल -पहल है, परंतु सुभाष बाबू की
Read Moreअगहन पूस महीने में मदन हलवाई नया गुड़ और नए चावल की खुशबूदार मिठाई बनाता और मुहल्ले- मुहल्ले घूम -घूम
Read More“देखिए मास्टर साहब को, दस साल से नौकरी कर रहे हैं; अभी तक एक मोटर साइकिल नहीं खरीद पाए है”
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