नागपंचमी पर दोहे
श्रावण शुक्ला पञ्चमी, बहुत खास त्यौहार।नागपञ्चमी आज भी, श्रद्धा का आधार।1। महादेव ने गले में, धारण करके नाग।विषधर कण्ठ लगाय
Read Moreश्रावण शुक्ला पञ्चमी, बहुत खास त्यौहार।नागपञ्चमी आज भी, श्रद्धा का आधार।1। महादेव ने गले में, धारण करके नाग।विषधर कण्ठ लगाय
Read Moreकुछ उसने जाना है, कुछ मैंने जाना है।जीवन को जीने का, बस एक बहाना है।। कुछ अच्छा करने को, सब
Read Moreनज़ारों में भरा ग़म है, बहारों में नहीं दम है,फिजाएँ भी बहुत नम हैं, सितारों में भरा तम हैहसीं दुनिया
Read Moreखेतों में हरियाली लेकर आया है चौमास! जीवन में खुशहाली लेकर आया है चौमास!! —सन-सन, सन-सन चलती पुरुवा, जिउरा लेत
Read Moreगीत “तुकबन्दी से होता गायन” (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)—वाणी से खिलता है उपवनस्वर-व्यञ्जन ही तो है जीवन—शब्दों को मन में
Read Moreबालकविता “कागा जैसा मत बन जाना” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)ॉ—बारिश से भीगा है उपवनहरा हो गया धरती का तन—कोयल डाली-डाली डोलेलेकिन
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