जिम्मेदारी
आज की जरुरत हैसमझो जिम्मेदारी अबतुम्हारे लिए। कौन चाहता है समझनाक्या कैसा कर्तव्यतुम्हारे लिए। बूंद-बूंद से भरतासबका ही घड़ातुम्हारे लिए।
Read Moreआज की जरुरत हैसमझो जिम्मेदारी अबतुम्हारे लिए। कौन चाहता है समझनाक्या कैसा कर्तव्यतुम्हारे लिए। बूंद-बूंद से भरतासबका ही घड़ातुम्हारे लिए।
Read Moreदोषारोपण कर रहे, अब अपने ही लोग।तेजी से है बढ़ रहा, कोरोना जस रोग।दोषी भी हम आप हैं, देख रहे
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