अंतिम संस्कार का ठेका
आज सुबह से मन बड़ा खिन्न था कुछ सोच रहा था, मगर समझ नहीं पा रहा था,तब तक मेरी नजर यमराज
Read Moreआज सुबह से मन बड़ा खिन्न था कुछ सोच रहा था, मगर समझ नहीं पा रहा था,तब तक मेरी नजर यमराज
Read Moreरंग भरी बाल्टी लिए मित्र यमराज होली की बधाई, शुभकामना देने पधारे,औपचारिक शुभकामनाओं के साथ बोले –प्रभु! यहीं पर रंग रोगन
Read Moreहम जीवन पथ चलना चाहें।बनो नहीं बाधक मम राहें।।रहा करो तुम अपने घर पर।गम मत डेरा डालो मन पर।। इतना
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