कविता

गर्मी

चौपाई – गर्मी

ऐसा कुछ उपाय अपनाओ।
दुविधा से तुम बाहर आओ।।
कोई भी उपाय अपनाओ।
गर्मी को यूँ मार भगाओ।।

रंग आधुनिकता का छोड़ो।
गाँवों से मुँह कभी न मोड़ो।।
खाली जगहों पर वृक्ष लगाओ।
हरियाली से लगन लगाओ।।

भोजन सादा ठंडा पानी।
जीवन की हो सुखद कहानी।।
प्रकृति से सब नाता जोड़ों।
मूल को अपने कभी न छोड़ो।।

जल्दी सोना जल्दी उठना।
शौच बाद कुछ आप टहलना।।
प्रकृति से अपना नाता रखना।
इससे दूर कभी मत होना।।

सरल सहज जीवन अपनाओ।
व्यर्थ नहीं तनाव में आओ।।
निज जीवन संयमित बनाओ।
गर्मी को यूँ मार भगाओ।।

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921