दोहा मुक्तक
सहारा /सहारे राम सहारे हम रहें, रामहि पर विश्वास।और नहीं अब किसी से, बची हमारी आस।।भटक भटक कर थक गया,
Read Moreसहारा /सहारे राम सहारे हम रहें, रामहि पर विश्वास।और नहीं अब किसी से, बची हमारी आस।।भटक भटक कर थक गया,
Read Moreहमारी चाहतें कुछ भी होंपर हमारी चाहतों के धागेन ही टूटने चाहिए औरन ही उसमें गाँठ पड़नी चाहिए।क्योंकि चाहतों के
Read Moreकल हमारा था या नहींइससे बाहर निकलिएनयी उर्जा, नयी सोच कानव जागरण करिए।सकारात्मक भाव सेबेहतर की कल्पना कीजिए,निराश होकर मत
Read Moreगली-गली दिखने लगे, नेताओं के झुंड ।गिन तो तुम सकते नहीं, कहो चुनावी मुंड।। नेताओं के फिर बजे, चिकने थोथे
Read Moreसाहित्य मातु शारदे की कृपा, होती जिसके शीश।वही लिखे साहित्य को, बन जाता वागीश।। शब्द सृजन की साधना, क्या है
Read More******* राम नाम ******* राम नाम के मर्म को, जो भी लेता जान।। पढ़ना उसको फिर नहीं, जीवन का विज्ञान।।
Read Moreश्रेष्ठ जनों से लीजिए, जीवन पथ आधार।उनका ही आशीष ले, करें स्वप्न साकार।। नीति नियम भी आपके, जीवन का हो
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