रोला छंद
बाहर निकलो आप, कहाँ हो फंसे अतीत।तुमको तो है ज्ञान, व्यर्थ है इससे प्रीत।।कहें मित्र यमराज, बहुत है दुख ये
Read Moreलोग कहते हैं तो कहने दोवो तो कहेंगे ही,बस! आप ध्यान मत दो, उनको कहने दो,क्योंकि लोगों का काम ही
Read Moreदिवस मित्रता आप मनाएं। रिश्ते की सब लाज बचाएं।।लोभ लालसा मन मत लाएं।मित्र -मित्रता के गुण गाएं।। मित्र सदा मन को
Read Moreडॉ. अनुराधा प्रियदर्शिनी हिंदी साहित्य का एक जाना पहचाना नाम है। अपनी कहानियों, कविताओं, गीतों संस्मरणों, लघुकथाओं के साथ-साथ वे
Read Moreबस झूठी मत माला जापें।बाकी चाहे राग अलापें।।राम नाम नहिं ओट मिलेगा।साथ नहीं अब और निभेगा।। इतना पाप करो मत
Read Moreसोचता हूँ कुछ ऐसा लिखूँकि अमर हो जाऊँ।मरना तो एक दिन हमको भी हैतो क्यों न मरने का इतिहास लिख
Read Moreमतलब के सब रिश्ते नाते।बिना स्वार्थ अब काम न आते।।पड़े जरूरत आप बुलाते।नजर नहीं तब बिल्कुल आते।। पहले तो ये
Read Moreराष्ट्र प्रथम सिर्फ शब्द नहींभाव है, संवेदना है, समर्पण हैसिद्धांत, संकल्प, दृढ़ता, अनुशासन है।यह दो शब्द कहने के लिए तो
Read Moreलोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर संसद का मज़ाक़ बन रहा है,सदन में चर्चा-परिचर्चा, विमर्श के बजाय विरोध की आड़ में सड़क पर
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