दोहा मुक्तक
योग दिवस छाया है इस वर्ष भी, योग दिवस का शोर।हर मुख पर मुस्कान है, भीतर नाचे मोर।एक दिना के
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Read More‘प्रयागराज का महाकुम्भ 2025 – आस्था का महामेला’ महाकुम्भ के बहुआयामी स्वरूप के काव्यात्मक/ चित्रात्मक अभिव्यक्ति को सैद्धांतिक/वैचारिक और आध्यात्मिकता
Read Moreअलख सुबह मित्र यमराज ने फोन घनघनाया,मुझे गुस्सा तो आया फिर भी फोन उठायाक्या यार! सुबह-सुबह और कोई काम नहीं
Read Moreआज सुबह-सुबह मित्र यमराज ने फोन करके बताया कि वह आ रहा है और नाश्ता हमारे साथ ही करेगा।
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