क्षणिकाएँ
पिघल न जाये गर दिल तो कहना आँसूओं में मेरे संग संग चलना मिल जाये गर मुझ जैसा कोई और
Read Moreजब हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है फिर क्यों नववर्ष के कैलेंडर को परेशान हैं माना कि ये सब अंग्रेजों
Read Moreप्रेम से न किसी का वास्ता पैसा ही सबसे बड़ा रिश्ता हार जाता है सच्चा रिश्ता अहम जिंदगी का फरिश्ता
Read Moreपास वाले कमरे से बर्तन को जोर जोर से पीटने की आवाज आ रही थी ,लेकिन सुधा अपनी बहन से
Read Moreमंजिलों की ख्वाईश में अक्सर कदम डगमगा जाते हैं फिसल जाते हैं रास्ते हाथों में सिर्फ टुकड़े नजर आते हैं
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