मंजिल
मंजिलों की ख्वाईश में अक्सर कदम डगमगा जाते हैं फिसल जाते हैं रास्ते हाथों में सिर्फ टुकड़े नजर आते हैं
Read Moreएक लड़की की जिंदगी घर से शुरू होकर घर पर ही खत्म हो जाती है ।आज भी एक लड़की की
Read Moreतन्हाइयों में अक्सर होता है ऐसा आजकल खुद ही रोती हूँ, खुद ही चुप हो जाती हूँ दौर ऐसा भी
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