कविता *वर्षा वार्ष्णेय 24/09/202324/09/2023 कविता कलम हाथ में लेकर अक्सर एक ख्याल दिल में आता है क्या प्रेम प्यार कुछ भी नहीं पैसों से प्यार Read More
कविता *वर्षा वार्ष्णेय 30/08/202330/08/2023 कविता उम्मीदों का मापदंड अथाह गहराई का सागर है टूटता है जब होकर अधीर, साथ दर्द का विशाल समुद्र ले आता Read More
कविता *वर्षा वार्ष्णेय 21/04/2023 कविता नारी हूँ मैं सिर्फ यही चिंता तो समाज को है, कौन जानता है दुख मेरा, सबको मतलब सिर्फ मेरे नकाब Read More
कविता *वर्षा वार्ष्णेय 17/03/2023 कविता तराशा है तुझको खुदा ने कुछ इस तरह कि कोई भी नुक्स नजर नहीं आता मुँह फेर लूँ गर तेरी Read More
कविता *वर्षा वार्ष्णेय 20/02/2023 कविता अति सुंदर दर्द की दुकान है दर्द की दवा आज झूठी मुस्कान है बेल रहे हैं पापड़ आज हम अंत Read More
कविता *वर्षा वार्ष्णेय 22/01/2023 बेटी से सास तक का सफर मत समझना दुनिया वालो हमें नाजुक अपनी तरह आता है हमें आज भी प्यार को बखूबी निभाना / मिले हैं Read More
कविता *वर्षा वार्ष्णेय 21/12/2022 कविता माँ, हम सबके जीवन में इतने ड्रामा क्यों होते हैं ? एक औरत अपनी जिंदगी क्यों नहीं जी सकती ? Read More
कविता *वर्षा वार्ष्णेय 22/11/2022 कविता मजबूर मत करना किसी को इस दौर में चाँदी के सिक्कों की खनक चलती है वक़्त कहाँ है अब किसी Read More
कविता *वर्षा वार्ष्णेय 16/10/2022 बेटियाँ व्रत ,पूजा ,उपवास ,कथा करती चली आ रही है सदियों से कब सोचा कुछ भी अपने लिए फिर भी सवाल Read More
कविता *वर्षा वार्ष्णेय 23/09/2022 कविता एक सूनापन एक खालीपन बस चन्द यादें बीते हुए कल की वो कैसे समझ पाता जिसने जीवन का वो रूप Read More