भाषा-साहित्य

भावी पीढ़ी द्वारा क्षेत्रीय बोली को विलुप्त होने से बचाना होगा

चिंता इस बात की है कि हजारों बोलियों में से आधे से ज्यादा खत्म हो चुकी हैं? क्योंकि, अब उन बोलियों और स्थानीय भाषा को कोई आम बोलचाल में प्रयोग में लाता ही नहीं है, अनेक लोक भाषाओं या बोलियों की विलुप्ति की और जा रही। बोली के विलुप्त होने पर बोली से जुड़ा पारंपरिक ज्ञान भी खत्म हो जाता है। जो चिंता का विषय है | क्षेत्रीय बोलियों को संरक्षण किया जाना आवश्यक है| क्षेत्रीय बोली में प्राथमिक शिक्षा दिए जाने से इन्हें न सिर्फ बढ़ावा मिलेगा,अपितु इनके माध्यम से भावी पीढ़ी अपनी मिट्टी और लोक संस्कृति से जुड़ी रह सकेगी।लोक मे रची-बसी क्षेत्रीय बोलियां सिमटती जा रही है।इसके लिए मालवा- निमाड़ क्षेत्र के लोगो के लिए मालवी-निमाड़ी बोली  की साहित्य अकादमी खोली जाना चाहिए |मध्यप्रदेश में मालवी- निमाड़ी अकादमी स्थापित किए जाने की आवश्यकता है | इन बोलियों का साहित्य उपलब्ध नहीं हो पाता साथ ही छात्र- छात्राओं को शोध में सहायता मिल नहीं मिल पाती है|मालवी निमाड़ी बोलियों को प्राथमिकता देने हेतु मध्य प्रदेश में मालवी-निमाड़ी अकादमी स्थापित की जाना चाहिए|क्षेत्रीय बोली को भाषा एवं बोली मिश्रण से बचाने हेतु दैनिक प्रयोग में स्थानीय बोली को प्राथमिकता देने के पुनीत कार्य से क्षेत्रीय बोली का संरक्षण कर विलुप्त होने से बचाना होगा जिससे ये विलुप्त होने की कगार पर नही पहुंचेगी।

— संजय वर्मा “दृष्टि”

*संजय वर्मा 'दृष्टि'

पूरा नाम:- संजय वर्मा "दॄष्टि " 2-पिता का नाम:- श्री शांतीलालजी वर्मा 3-वर्तमान/स्थायी पता "-125 शहीद भगत सिंग मार्ग मनावर जिला -धार ( म प्र ) 454446 4-फोन नं/वाटस एप नं/ई मेल:- 07294 233656 /9893070756 /antriksh.sanjay@gmail.com 5-शिक्षा/जन्म तिथि- आय टी आय / 2-5-1962 (उज्जैन ) 6-व्यवसाय:- ड़ी एम (जल संसाधन विभाग ) 7-प्रकाशन विवरण .प्रकाशन - देश -विदेश की विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में रचनाएँ व् समाचार पत्रों में निरंतर रचनाओं और पत्र का प्रकाशन ,प्रकाशित काव्य कृति "दरवाजे पर दस्तक " खट्टे मीठे रिश्ते उपन्यास कनाडा -अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व के 65 रचनाकारों में लेखनीयता में सहभागिता भारत की और से सम्मान-2015 /अनेक साहित्यिक संस्थाओं से सम्मानित -संस्थाओं से सम्बद्धता ):-शब्दप्रवाह उज्जैन ,यशधारा - धार, लघूकथा संस्था जबलपुर में उप संपादक -काव्य मंच/आकाशवाणी/ पर काव्य पाठ :-शगुन काव्य मंच

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