सौर तूफानों को नजरअंदाज न करें
सौर तूफानों की चिंगारियों से पिघलती है चंद्रमा की सतह खबर पढ़ी।शक्तिशाली सौर तूफान चंद्रमा के धुर्वों के पास ठंडे और स्थाई पर छाया वाले क्षेत्रों की साथ को ऊष्मा प्रदान कर सकते है । अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यू हैम्पशायर के एंड्रयू जॉर्डन ने कहा कि चंद्रमा की सतह का करीब 10 फीसदी हिस्सा उल्कापिंडों के प्रभाव से पिघल गया या वाष्पीकृत हो गया है। उल्लेखनीय है कि इसके कुछ वर्ष पूर्व सूर्य कि त्रिआयामी तस्वीर लेने गया खोजी अभियान नासा ने दो उपग्रह प्रक्षेपित किये गए थे |इस स्टीरियो अभियान का मकसद सूर्य का त्रिआयामी तस्वीर के अलावा सूर्य से उत्पन्न होने वाली सौर ऊर्जा के बारे में अध्ययन से शक्तिशाली सौर ज्वालाओं की उत्पत्ति के बारे मे सही अनुमान लगाया जा सकता था ,क्योंकि इसके कारण चुम्बकीय तूफान पैदा होते है,जिससे धरती संचार प्रणाली के तहस-नहस होने की आशंका हमेशा बनी रहती है|सूर्य पर तूफान कभी भी आ सकता है ,जिससे अंतरिक्ष में उपग्रह तथा अंतरिक्ष यानों को भी क्षति पहुंचने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है|खगोलशास्त्रियों ने दावा किया कि सूर्य अपनी सतह कि बजाये किनारों से ज्यादा गर्मी उत्सर्जित करता है और गर्मी नाभिकीय विखंडन के जरिये उत्पन्न होती है |इसी कारण सूर्य के धब्बों से अंतरिक्ष में तूफान आने की संभावना बनी रहती है|भारत के सफल प्रक्षेपणों से भी भविष्य में नई जानकारिया चुम्बकीय तूफान आदि के संबध में प्राप्त हो सकेगी।
— संजय वर्मा “द्ष्टि”
