कविता

याद …………

मैं तुम्हे जितना याद करती ,

क्या तुम भी याद किया करती हो |

ऐसे याद करो या न करो ,

उस क्षण तो याद जरूर करोगी |

जब अँधेरी रातों में तू ,

तनहा – तनहा सी रहोगी |

उस अँधेरी रात के ,

सपनो में तू याद करोगी |

मेरे भी यादों के सपनो में ,

तुम भी आया करोगी |

तुम हमसे दूर भले ही ,

पर यादों से दूर नहीं |

यादों के इस सिलसिले में ,

हम दोनों यु ही मिला करेंगे |

……………निवेदिता चतुर्वेदी

निवेदिता चतुर्वेदी

बी.एसी. शौक ---- लेखन पता --चेनारी ,सासाराम ,रोहतास ,बिहार , ८२११०४

One thought on “याद …………

  • डॉ ज्योत्स्ना शर्मा

    सुन्दर ..कोमल भावाभिव्यक्ति

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