सामाजिक

माखन लाला या माखन वाला भी कह सकते है

माखनचोर का टैग हटाने का चलाएगी अभियान,मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टैग को बताया गलत, अभियान की तैयारी, गलत नाम हटाने की बारी, श्रीकृष्ण माखनचोर नहीं थे।मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार का मानना है कि भगवान ‘श्रीकृष्ण’ ‘माखन चोर’ नहीं थे|.कंस के प्रति विद्रोह को गलत तरीके से समझ लिया गया और उन्हें माखनचोर नाम से पुकारा जाने लगा।उन्होंने कहा कि ‘भगवान कृष्ण ने कंस का विरोध करने का एक तरीका ढूंढा था और उसे ‘माखनचोर’ का नाम दे दिया गया जो गलत है।चित्त चुराने वाला माखन चोर नहीं हो सकता।ये उनकी शरारत पूर्ण लीलाओं का एक हिस्सा था।जो अपने बाल सखाओं में अपनी गोपियों के घर से माखन सब मिलकर खाते थे।और गोपियों को ये पता था कृष्ण माखन खाने आएंगे।वे राह निहारती थी।माखन हांडी,दही हांडी की जन्माष्टमी पर फोड़ने की प्राचीन काल से चली आ रही है।जिसे प्रसाद और उत्सव के रूप में हमसब मनाते आरहे है।ऐसे में तो सभी हांडी फोड़ने वाले चोर कह लाएंगे क्या?कदापि नही तो भला कृष्ण माखन चोर कैसे हुए।उनके अनेक नाम भी तो है।सुझाव है कि माखनचोर ना कह कर माखन लाला या वाला शब्द का प्रयोग उचित होगा।

— संजय वर्मा “दॄष्टि”

*संजय वर्मा 'दृष्टि'

पूरा नाम:- संजय वर्मा "दॄष्टि " 2-पिता का नाम:- श्री शांतीलालजी वर्मा 3-वर्तमान/स्थायी पता "-125 शहीद भगत सिंग मार्ग मनावर जिला -धार ( म प्र ) 454446 4-फोन नं/वाटस एप नं/ई मेल:- 07294 233656 /9893070756 /antriksh.sanjay@gmail.com 5-शिक्षा/जन्म तिथि- आय टी आय / 2-5-1962 (उज्जैन ) 6-व्यवसाय:- ड़ी एम (जल संसाधन विभाग ) 7-प्रकाशन विवरण .प्रकाशन - देश -विदेश की विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में रचनाएँ व् समाचार पत्रों में निरंतर रचनाओं और पत्र का प्रकाशन ,प्रकाशित काव्य कृति "दरवाजे पर दस्तक " खट्टे मीठे रिश्ते उपन्यास कनाडा -अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व के 65 रचनाकारों में लेखनीयता में सहभागिता भारत की और से सम्मान-2015 /अनेक साहित्यिक संस्थाओं से सम्मानित -संस्थाओं से सम्बद्धता ):-शब्दप्रवाह उज्जैन ,यशधारा - धार, लघूकथा संस्था जबलपुर में उप संपादक -काव्य मंच/आकाशवाणी/ पर काव्य पाठ :-शगुन काव्य मंच