ममता की छाँव
लाल दुपट्टा, मीठी मुस्कान,
माँ जैसी लगती पूरी जहान।
गोदी में नन्हा सपना प्यारा,
आँखों में चमके चाँद सितारा।
मेले की रंग-बिरंगी राहें,
खुशियों से भर गईं सब बाँहें।
माँ के संग जब बच्चा हँसता,
हर मौसम सावन-सा लगता।
छोटी-छोटी बातें न्यारी,
ममता में सृष्टि सारी ।
माँ की गोदी सबसे प्यारी,
दुनिया लगे फूलों की क्यारी।
चलो सदा मुस्कान सजाएँ,
प्यार के दीप सभी जलाएँ।
माँ का आँचल छाया बनकर,
जीवन को खुशियों से महकाएँ।
— डॉ. प्रियंका सौरभ
