(बे)वफ़ाई
तुझे पाने से पहले डर था,
कि तू मुझसे न कहेगी।
तुझे पाने के बाद भी डर था,
कि तू मुझसे दूर चली जाएगी।
अब तुझे खोने के बाद भी वही डर है,
कि तू मेरे बग़ैर जी कैसे लेगी..
तेरी बेवफ़ाई ने जो ज़हर पिलाया था,
जिस्म नहीं, पर रूह तो ज़रूर मरी मेरी।
बस यही शिकवा है तुझसे मेरा,
कि जिस्म को भी क्यों छोड़ा खाली,
ख़त्म कर देती शौक़ से वह भी..
