हास्य व्यंग्य

हास्य-व्यंग्य – यमराज ने हत्यारों की भर्ती की

यमराज जी बढ़ती जनसंख्या के कारण लोगों का मारने का काम पूरा नहीं कर पा रहे थे। उनके यहाँ कई पद रिक्त चल रहें थे। यमराज जी चाह रहे थे कि यह भर्ती डायरेक्ट पृथ्वीवासियों की हो। आवेदन करने की तारीख घोषित कर दी गयी।

आवेदन भरने की आवश्यक शर्त रखी गयी। आवेदन करने वाला खूंखार प्रवृत्ति का होना चाहिए। किसी को मारने में कोई शील-संकोच न करने वाला हो। दुबला-पतला भी चल जायेगा। हिम्मती होना चाहिए। छुरा-चाकू चला सके। इसमें कई पद सृजित किया गया।

बच्चों को पटक-पटक कर मारने की क्षमता हो। बिल्कुल बेरहम मारते वक्त हो जाना है। महिलाओं को मारकर फांसी पर लटकाने की ताकत रखता हो। गलत ढंग से ड्राइविंग कर लोगों का एक्सीडेंट करके मारने की क्षमता हो। खुद को भी संकट मे डालने की क्षमता हो।

दयावान व्यक्तियों को आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। सज्जन व्यक्ति कृपया आवेदन न करें अन्यथा आपका आवेदन निरस्त कर दिया जायेगा। क्रूर ढंग से मौत देने वाले को वरीयता प्रदान किया जायेगा। आवेदन में कमी होने पर भी आवेदन निरस्त नहीं किया जायेगा।

बेरोजगारी के इस दौर में लाखों आवेदन आये। यमराज जी ने इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने से अत्यंत संतोष की सांस ली है कि लोगों को मारने का काम आसान हो जायेगा। भर्ती का काम जल्द पूरा कर लिया गया।

भर्ती का काम पूरा होते ही पृथ्वी पर जगह-जगह हत्यारे अंजाम देने लगे। किसी का गला काटा जा रहा है। किसी के सिर पर वार करके हत्या किया जा रहा है। नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की घटनाओं का अंजाम दिया जाने लगा है। यमराज का काम इस भर्ती से आसान हो गया है।

— जयचन्द प्रजापति ‘जय’

*जयचन्द प्रजापति

प्रयागराज मो.7880438226 jaychand4455@gmail.com

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