योग से विश्व कल्याण
योग दिवस इक्कीस जून को, दुनिया भर में मनाएँगे,
भारत का गौरव बढ़ाकर, नाम स्वर्णाक्षरों में लिखवाएँगे।
योग से दूर होंगी जग की, हर प्रकार की समस्याएँ,
स्वस्थ, स्वच्छ और सुखी बनेंगी, मानवता की सभी दिशाएँ।
योग हमारी संस्कृति, कला और इतिहास की पहचान,
योग से ही हम पाएँगे, अपने जीवन का सच्चा मान।
योग है जीवन का आधार, स्वच्छता का भी सम्मान,
मानसिक तनाव मिटाने का, यह है सबसे उत्तम विधान।
योग से पीढ़ियाँ होंगी, सुखी, स्वस्थ और खुशहाल,
योग के पथ पर चलकर ही, मिलेगी उन्नति बेमिसाल।
योग के आदिगुरु हैं, त्रिलोकीनाथ भगवान शिव महान,
अष्टांग योग के रचयिता, महर्षि पतंजलि का अमिट योगदान।
आओ मिलकर योग अपनाएँ, स्वस्थ विश्व का स्वप्न सजाएँ,
विश्व योग दिवस के अवसर पर, योग का संदेश फैलाएँ।
— रूपेश कुमार
