कविता

योग से विश्व कल्याण

योग दिवस इक्कीस जून को, दुनिया भर में मनाएँगे,
भारत का गौरव बढ़ाकर, नाम स्वर्णाक्षरों में लिखवाएँगे।

योग से दूर होंगी जग की, हर प्रकार की समस्याएँ,
स्वस्थ, स्वच्छ और सुखी बनेंगी, मानवता की सभी दिशाएँ।

योग हमारी संस्कृति, कला और इतिहास की पहचान,
योग से ही हम पाएँगे, अपने जीवन का सच्चा मान।

योग है जीवन का आधार, स्वच्छता का भी सम्मान,
मानसिक तनाव मिटाने का, यह है सबसे उत्तम विधान।

योग से पीढ़ियाँ होंगी, सुखी, स्वस्थ और खुशहाल,
योग के पथ पर चलकर ही, मिलेगी उन्नति बेमिसाल।

योग के आदिगुरु हैं, त्रिलोकीनाथ भगवान शिव महान,
अष्टांग योग के रचयिता, महर्षि पतंजलि का अमिट योगदान।

आओ मिलकर योग अपनाएँ, स्वस्थ विश्व का स्वप्न सजाएँ,
विश्व योग दिवस के अवसर पर, योग का संदेश फैलाएँ।

— रूपेश कुमार

रूपेश कुमार

भौतिक विज्ञान छात्र एव युवा साहित्यकार जन्म - 10/05/1991 शिक्षा - स्नाकोतर भौतिकी , इसाई धर्म(डीपलोमा) , ए.डी.सी.ए (कम्युटर),बी.एड(फिजिकल साइंस) वर्तमान-प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी ! प्रकाशित पुस्तक ~ *"मेरी कलम रो रही है", "कैसें बताऊँ तुझे", "मेरा भी आसमान नीला होगा", "मैं सड़क का खिलाड़ी हूँ" *(एकल संग्रह) एव अनेकों साझा संग्रह, एक अंग्रेजी मे ! विभिन्न राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओ मे सैकड़ो से अधिक कविता,कहानी,गजल प्रकाशित ! राष्ट्रीय साहित्यिक संस्थानों से सैकड़ो से अधिक सम्मान प्राप्त ! सदस्य ~ भारतीय ज्ञानपीठ (आजीवन सदस्य) पता ~ ग्राम ~ चैनपुर  पोस्ट -चैनपुर, जिला - सीवान  पिन - 841203 (बिहार) What apps ~ 9934963293 E-mail - - rupeshkumar01991@gmail.com

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