आधुनिक बाबा
एक आधुनिक बाबा को देखा
चेहरे पर कोई दाढ़ी बाल नहीं
मस्तक पर भयंकर चंदन
चेहरे पर एक चमक
पहुंचे हुए बाबा थे
लक्जरी गाड़ी से आये थे
कई गाड़ियों का काफिला था
कई सुरक्षाबलों के साथ
हाथों में मंहगी मोबाइल
अगर सच में बाबा हैं तो
इन चकाचौंध दुनिया से
क्या लेना-देना
भगवान की भक्ति में रहो
भगवान पर भरोसा करो
सच्ची भक्ति में
असलहाधारियों की क्या जरूरत
इतनी भीड़ में
बाबाजी ध्यान कैसे करते होंगे
हमें लगता है
ढोल के अंदर पोल है
बाबाजी फिर भी बड़े होनहार हैं
हमारे भगवान जस के तस हैं
लेकिन हमारे भक्तगण
हमारे बाबा आधुनिक बाबा हैं
— जयचन्द प्रजापति ‘जय’
