मुक्तक/दोहा

गाँधी तेरे देश में

गाँधी तेरे देश में, गूँजे सत्य विचार।
मन से छल को दूर कर, हो मानवता प्यार॥

सादा जीवन, उच्च मन, गाँधी की पहचान।
सत्य-धर्म के पथ चलें, बढ़े देश का मान॥

जाति-धर्म के नाम पर, मत बाँटो इंसान।
सबके सुख में सुख मिले, यही बापू का ज्ञान॥

नफरत की दीवार को, प्रेम करे कमजोर।
मिल-जुलकर आगे बढ़े, मानवता की ओर॥

सत्य कठिन हो राह में, फिर भी रखना साथ।
सत्याग्रह की शक्ति से, बदले जग हालात॥

बापू कहते थे सदा, श्रम का रख सम्मान।
मेहनत से ही बन सके, अपना हिंदुस्तान॥

गाँधी का चरखा कहे, श्रम ही सच्ची शान।
अपने हाथों कर्म कर, ऊँचा रख सम्मान॥

लोभ-मोह से दूर रह, मन में रख संतोष।
सादा जीवन जी सके, मिटे हृदय का रोष॥

दीन-दुखी की पीर को, जो समझे इंसान।
उसके जीवन में सदा, बसता है भगवान॥

— डॉ. प्रियंका सौरभ

*डॉ. प्रियंका सौरभ

रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, (मो.) 7015375570 (वार्ता+वाट्स एप) facebook - https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/ twitter- https://twitter.com/pari_saurabh

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