कविता

एक पाती

जब आसपास कोई
तुझे सुनने वाले ना रहें
एक पाती प्यार भरी
खुद के लिख
यकीन मानों स्व से स्वयं
का मिलन अकल्पनीय होगा ।

ऋतु परिवर्तन के किस्से
फूलों से बातें करते
अहसास होता शारिरिक
सुंदरता क्षणभंगुर है
आत्मबोध से मन में
बचपन फिर खिलखिला उठता ।

दूसरों की समस्याएं सुन
पीड़ा के बदले परमपिता को
धन्यवाद करने के लिए दोनों
हाथ वक्त भूल कर
नतमस्तक सदैव रहता
ऐसी पाती रोज लिखते
वक्त का पता नहीं चलता ।

— आरती रॉय

*आरती राय

शैक्षणिक योग्यता--गृहणी जन्मतिथि - 11दिसंबर लेखन की विधाएँ - लघुकथा, कहानियाँ ,कवितायें प्रकाशित पुस्तकें - लघुत्तम महत्तम...लघुकथा संकलन . प्रकाशित दर्पण कथा संग्रह पुरस्कार/सम्मान - आकाशवाणी दरभंगा से कहानी का प्रसारण डाक का सम्पूर्ण पता - आरती राय कृष्णा पूरी .बरहेता रोड . लहेरियासराय जेल के पास जिला ...दरभंगा बिहार . Mo-9430350863 . ईमेल - arti.roy1112@gmail.com

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