मुक्तक
प्रेम का अर्थ ही नारी ने बदल डाला है
आज की शक्ति ने शिव को ही कुचल डाला है
पूर्व प्रेमी के लिए सात वचन बिसरा के
वासना में किसी का वंश मसल डाला है
— त्रिशिका धरा
प्रेम का अर्थ ही नारी ने बदल डाला है
आज की शक्ति ने शिव को ही कुचल डाला है
पूर्व प्रेमी के लिए सात वचन बिसरा के
वासना में किसी का वंश मसल डाला है
— त्रिशिका धरा