मुक्तक/दोहा त्रिशिका धरा 26/02/202626/02/2026 मुक्तक इज़्ज़त उछाली बाप की जिस प्यार के लिएउसने ही तेरे जिस्म के टुकड़े कई किएक़ुरआँ में जो लिखी नहीं बतला Read More