मुक्तक/दोहा त्रिशिका धरा 06/10/202606/10/2026 मुक्तक प्रेम का अर्थ ही नारी ने बदल डाला हैआज की शक्ति ने शिव को ही कुचल डाला हैपूर्व प्रेमी के Read More
मुक्तक/दोहा त्रिशिका धरा 26/02/202626/02/2026 मुक्तक इज़्ज़त उछाली बाप की जिस प्यार के लिएउसने ही तेरे जिस्म के टुकड़े कई किएक़ुरआँ में जो लिखी नहीं बतला Read More