Author: डॉ. अनीता पंडा

कविता

मैं सत्य हूँ

झाड़ मिथ्याचारमैं निर्भीक खड़ा हूँ,पैर जमाये खड़ा हूँअमर हूँ, मैं ब्रह्म हूँपल-पल परिवर्तन बीचमैं अपरिवर्तनशील हूँअंतः बाह्य एक हूँसह आक्रमणता

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धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

गीता – जीवन का आधार

विश्व के समस्त धर्म-ग्रंथों में श्रीमद्भभगवद्गीता का स्थान अद्वितीय है यह केवल भारतीय दर्शन, धर्म तथा संस्कृति का प्रतीक ही

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