माँ की लोरी
माँ सुनाती थी मुझको लोरीमीठी जैसे शहद की गोली।जैसे चंदा की शीतल छायानिंदिया रानी फैलाये माया। अपनी बाहों में भर
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Read More“उफ्! ये चीटियाँ गर्मी आते ही बहुत परेशान करती हैं। रसोईघर तो है ही इनकी जागीर। अब किताबों की अलमारी
Read Moreगहरी काली रात में अब्दुल घर की चौखट पर दिया लिए खड़ा किसी का इंतजार कर रहा था। ठंडी हवा
Read Moreताकतवर बनने की महत्वाकांक्षा में एक राष्ट्राध्यक्ष परमाणु परीक्षण करता जा रहा हैं। वह सबसे शक्तिशाली राष्ट्राध्यक्ष है। उसे देख
Read Moreझाड़ मिथ्याचारमैं निर्भीक खड़ा हूँ,पैर जमाये खड़ा हूँअमर हूँ, मैं ब्रह्म हूँपल-पल परिवर्तन बीचमैं अपरिवर्तनशील हूँअंतः बाह्य एक हूँसह आक्रमणता
Read Moreविश्व के समस्त धर्म-ग्रंथों में श्रीमद्भभगवद्गीता का स्थान अद्वितीय है यह केवल भारतीय दर्शन, धर्म तथा संस्कृति का प्रतीक ही
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