अंतिम दुआ
“सन्तोष! तुम यहाँ? तुम तो यहाँ से जा चुके हो।”“जानना नहीं चाहोगे कि मेरे जाने का क्या कारण था?”“जानता हूँ।
Read Moreविश्व के समस्त धर्म-ग्रंथों में श्रीमद्भभगवद्गीता का स्थान अद्वितीय है यह केवल भारतीय दर्शन, धर्म तथा संस्कृति का प्रतीक ही
Read Moreस्वतंत्रता दिवस का समारोह सम्पन्न हो गया। अगले दिन सुबह की सैर के लिये जाते हुये राजीव ने देखा कि
Read Moreअपार्टमेंट के लिफ्ट में चढ़ते-उतरते सविता और मोहिनी में परिचय हुआ और धीरे-धीरे बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। ग्राउंड फ्लोर
Read More“बाबूजी! बाबूजी! कहाँ हैं आप? दरवाजा खुला छोड़ दिया है,” कहते हुए ऋतु हैन्डबैग लिये अंदर आयी।“तू अचानक यहाँ मुझ
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