गीतिका/ग़ज़ल देवकी नंदन 'शान्त' 04/07/2014 ग़ज़ल पा गये मंजिल मुसाफिर पर ये कोशिश व्यर्थ है वक्त ने आकर कहा ये जिन्दगी की शर्त है आदमी में Read More