कहानी – विशवास
राजीव करीब काम में फस कर दो साल से घर नहीं आ पा रहा था । सारी सुविधाओं के बीच
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Read Moreसोनी और मुकुर बचपन से ही साथ पढ़े -लिखे और सौभाग्यवश 12वीं के बाद भी में एक ही इंस्टिट्यूट में
Read Moreरजिया एक प्रतिष्ठित पीर की बेटी थी।वह पूरे दिन मस्जिद दरगाह में रहते, लोगों की सेवा करते। रजिया को भी
Read Moreअभि बचपन से ही पढ़ने- लिखने में बहुत अच्छा और मिलनसार स्वभाव का था। वह पिता के सलाह के बिना
Read Moreआज संध्या काल ज्यो ही रमेश निकल रहा था, इतने में श्रीमती सोनिया बोली– अजी ,सुनते हैं आते वक्त कुछ
Read Moreमहेश कमरे में बैठा आराम कर रहा था कि पास बैठी पत्नी मयूरी कहने लगी- बहुत दिन हो गए, हम
Read Moreबचपन में ही राहुल को मां छोडकर इस दुनिया से चली गयी तो पिता ने घर के साथ खेती-बाड़ी का
Read Moreविवाह के बाद से ही हर रात टिंकू नशे में धुर्त ही घर आता था ।( निशा ) पत्नी उसे
Read Moreआज हम पति- पत्नी दोनों रात्रि भोजन हेतु भोजनालय पहुंचे। भीड़ को देख हमने एक किनारे बैठना ही ठीक समझा।
Read Moreराज और बबलु एक ही साथ पढते थे इस कारण दोनो की दोस्ती बहुत अच्छी थी। हर पल दोनो एक
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