ग़ज़ल
जाम उल्फत का अपनी पिला दो हमें। प्यार करते हैं कैसे बता दो हमें। इक नये अब जहां में बसा
Read Moreबाँटती जो फिर रही है धर्म के आधार पर, खूब जमकर हमलड़ेंगे उस सियासत के खिलाफ। हर तरफ फैला रही
Read Moreगांधी जी हर दृष्टि से , थे अनुपम इंसान। गांधी भारत के लिए, एक बड़ा वरदान। सूरज उगकर सुब्ह को,होय
Read Moreदिल्ली में आया हुआ, एक अजब भूचाल। नहीं किसानों का वहाँ, कोई पुरसा हाल। दिल्ली होती जा रही, दिन पर
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