ये जिन्दगी
क्या बताऊँ कैसी है ये जिन्दगी कभी तो फूल सी लगती है और कभी दुखों का घर लगती है ये
Read Moreक्या बताऊँ कैसी है ये जिन्दगी कभी तो फूल सी लगती है और कभी दुखों का घर लगती है ये
Read More****************** सुबह सबेरे चिडिया जब चहकती है, सूर्य की किरण धरती जब आती है, वर्षा की फुहार जब पडती है
Read Moreबहुत दूर मुझ से बसी हो विरागिन, मिलन अब हमारा तुम्हारा न होगा। किसी दिन तुम्हीं रुप सी बन खडी़
Read More******************** स्नेह की मधुर बयार में सदा पला प्रिये, वियोग दीप में लिपट पतंगा सा जला प्रिये! चूमती धरा उषा
Read More******************** मां हमें अज्ञानता से तार दो तेरे द्वार पर आकर मां खड़ा हूं, तेरे चरणों में आज पड़ा हुआ
Read More*गौ राष्ट्र की भाग्य विधाता* ****************** गौ है करुणामयी माता, गौ से है जिन्दा है इंसान, गौ राष्ट्र की भाग्य
Read Moreमेरा अपना इस जग में , आज़ अगर प्रिय होता कोई। मैंने प्यार किया जीवन में, जीवन ही अब भार
Read Moreशब्द के कुछ सुमन है समर्पित तुम्हे, बस चरण में इन्हें अब शरण चाहिए । हे मां शारदे कण्ठ से
Read Moreआज मैं तुम्हें न पा सका, इसलिए न गीत गा सका। बहार फूल तो खिले मगर, मिले उसे भ्रमर न
Read More******************** प्रिय तुम मुझसे दूर न जाओ, मेरे मन में आज नशा है। घूंघट खोल रही है कलियाँ , झूम
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