उम्र का चौथा पहर
तन्हाईयों से दोस्ती जब से करी है, मस्तियाँ जीवन में तब से भरी हैं। अकेलापन अब मुझे कचोटता नही, सोचना
Read Moreतन्हाईयों से दोस्ती जब से करी है, मस्तियाँ जीवन में तब से भरी हैं। अकेलापन अब मुझे कचोटता नही, सोचना
Read Moreनारी सशक्तिकरण की पहचान हो कैसे, यह हमको बतला डालो, क्या मानक, कौन पैमाना- कौन तराजू, इसको भी समझा डालो।
Read Moreजाने कौन कब से, मुल्क में जहर फैला रहे थे, घरों में नागफनी लगाकर, काँटे उगा रहे थे। सरहद की
Read Moreदेखकर श्री राम विग्रह, आँख से आँसू बहे, मन प्रफुल्लित हो गया, आँख से आँसू बहे। झर रहे अश्रु नयन
Read Moreराष्ट्र के विकास पर, जो प्रहार कर रहे, धर्म से विकास पर, अवरोध खड़े कर रहे। संकुचित नज़रिया, तुष्टिकरण पोषक
Read Moreउम्र का यह दौर चौथा, और साथी बढ रहा हूँ, साथ है जब तुम्हारा, मुश्किलों से लड रहा हूँ। साथ
Read Moreराम मन्दिर बन गया तो जल गये, धर्मनिरपेक्षता पर चाल चल गये। कहते हैं जाओ मस्जिद बच्चों संग, हिन्दुत्व की
Read Moreलिखना है तो रामायण का सार लिखो मर्यादा हुई तार-तार, उपचार लिखो, लिखना है तो मानवता की बात लिखो किया
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