चाय दो अदरख वाली
अदरख वाली चाय से ,मन का मिटे विषाद ,बन्दर भालू जी कभी ,ना जाने ये स्वाद,ना जाने ये स्वाद,सदा उनको
Read Moreअदरख वाली चाय से ,मन का मिटे विषाद ,बन्दर भालू जी कभी ,ना जाने ये स्वाद,ना जाने ये स्वाद,सदा उनको
Read Moreआशा के दीप जलाता चल,दुख में भी तू मुसकाता चल। संकट के मेघ अगर छाएं, रक्षा का कवच दिलाता चल।
Read Moreकौन झूठा है यहाँ ,और कौन सच्चा है यहाँ , जिंदगानी के इस सफर में कौन कच्चा है यहाँ .
Read Moreकिया भरोसा जब कभी ,टूटी सारी आस,रूठ गई फिर जिंदगी,देख मौत को पास। –दीप जले जब आस के ,खुशियां हुईं
Read Moreरूप सुहानी चांदनी ,दिलकश थी आवाज ,पर चिडिया को ले उडा ,चतुर सयाना बाज। सुबह रसोई जागती ,करते बरतन शोर
Read Moreसत्य की जयकार होगी ,झूठ की फिर हार होगी। हर चुनावों में सफल हो ,सत्य की सरकार होगी। झूठ के
Read Moreनया साल लो आ रहा, लेकर सुख दुख गीत,दूजों का दुख बाँट के ,दो उनको सुख मीत। कुछ को लगता
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