बरखा करे विभोर
कहिये मेघों से जरा, ना बरसे घनघोर,नदी उफनती बह रही, साजन हैं उस छोर। गरज रहे हैं बादरा, आंधी का
Read Moreकहिये मेघों से जरा, ना बरसे घनघोर,नदी उफनती बह रही, साजन हैं उस छोर। गरज रहे हैं बादरा, आंधी का
Read Moreये जीवन खुशियों की शाला,ये होती सुख दुख की माला। काम करे जो जी भर यारो,जीवन उसको दे मधुशाला। ख़ुशी
Read Moreरंगों के त्यौहार में , है गुलाल अनुरोधहोली से डरना मना, सुन नादान अबोध। होली हँस के खेलना, सिखलाता है
Read Moreदुखमय है ये जिंदगी ,उसमे सुख तू खोज ,जीवन के इस सफर में ,नई परीक्षा रोज। सुख दुख संकट आपदा
Read Moreदीप पर्व की आपको, खुशियां मिले अनंत,दौर चलें मिष्ठान के, खारा मिले तुरंत। दीप कभी जलता नही, दीवाली की रात,तेल
Read Moreमत करना विश्राम मन, नहीं माँगना छूट ,सभी लूटते देश को , तू भी जम कर लूट। सरहद पर तैनात
Read More