खेलो होली – दोहे
रंगों के त्यौहार में , है गुलाल अनुरोधहोली से डरना मना, सुन नादान अबोध। होली हँस के खेलना, सिखलाता है
Read Moreरंगों के त्यौहार में , है गुलाल अनुरोधहोली से डरना मना, सुन नादान अबोध। होली हँस के खेलना, सिखलाता है
Read Moreदुखमय है ये जिंदगी ,उसमे सुख तू खोज ,जीवन के इस सफर में ,नई परीक्षा रोज। सुख दुख संकट आपदा
Read Moreदीप पर्व की आपको, खुशियां मिले अनंत,दौर चलें मिष्ठान के, खारा मिले तुरंत। दीप कभी जलता नही, दीवाली की रात,तेल
Read Moreमत करना विश्राम मन, नहीं माँगना छूट ,सभी लूटते देश को , तू भी जम कर लूट। सरहद पर तैनात
Read Moreरिमझिम बरसें मेघ जी ,मन में भरें फुहार,दादुर झींगुर गा रहे ,खुशियों की झंकार। पावस में गाने लगी ,कोयल सुमधुर
Read More