ग़ज़ल
बस मुनाफे के लिये जो कर रहे व्यापार हैं उनके ही स्वामित्व में ये आज के अख़बार हैं जो भी जी चाहे
Read Moreभारत की जनता को अपना इतिहास पढ़ाया नहीं गया सम्राट अशोक औ चंद्र गुप्त थे कौन बताया नहीं गया बस
Read Moreथा अंधेरों का भरम सारे उजाले निकले जो सभी साथ थे सब लूटने वाले निकले * घर को था बंद
Read Moreखुद से खुद को ही मिलने का अवसर यह पहली बार मिला लॉक डाउन ने मौका ये दिया जीवन को
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