सुख दुख तो अक्सर आते हैं
आशा और निराशा दोनों पलड़े एक तराज़ू के और तुला का ऊपर नीचे होना नियम कहाता है सुख दुख तो
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Read Moreअगर घुटाले नही किये तो संसद का सम्मान करो चलने दो निर्बाध इसे मत कोई भी व्यवधान करो अब तक
Read Moreमोदी जी के यही शिकार, कालाधन और भ्रष्टाचार सारा देश साथ में यार, जल्दी पकड़ो रंगे सियार बेईमान की
Read Moreबड़ी बधाई ट्रम्प को मार लिया मैदान अमरीका के साथ है पूरा हिंदुस्तान पूरा हिंदुस्तान किए हैं जो भी वादे
Read Moreकाले धन पर कर दिया मोदी जी ने वार सर्जिकल स्ट्राइक है समझो बड़ा प्रहार समझो बड़ा प्रहार बंद जो
Read Moreदेखो हाहाकार मचा है गद्दारों की टोली में है प्रयास में फिर भी सत्ता आ न सकेगी झोली में कुर्सी
Read Moreहम अपने घर में बेगाने वाह ज़माना क्या कहने दुनिया गढ़ लेती अफ़साने वाह ज़माना क्या कहने युग समाज़वादी का मतलब लूट
Read Moreयदि ना उतरता ज्वर दिखे शीत लगे दिनरात दो कविताएं ओज की पिलवाओ हे तात पिलवाओ हे तात न फीवर
Read Moreखयालों में न तुम आती तो मैं बद नाम क्यों होता किसी राधा के सपनों का कोई घनश्याम क्यों होता
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