मची फगुनाहट
चल रही मदमस्त पुरवाई,मौसम ने ली है अंगड़ाई,खेतों में फसलें लहलहाई,खुशियां यहां-वहां बिखराई । फूल खिले रंग-बिरंगे प्यारे,भंवरे गुनगुनगुन करते
Read Moreचल रही मदमस्त पुरवाई,मौसम ने ली है अंगड़ाई,खेतों में फसलें लहलहाई,खुशियां यहां-वहां बिखराई । फूल खिले रंग-बिरंगे प्यारे,भंवरे गुनगुनगुन करते
Read Moreसजा है जगमग सारा कैलाश,छाया चहुं दिश दिव्य प्रकाश,आई परिणय की शुभ घड़ी,हो झूमे गाएं धरती-आकाश । पहन गल सर्पो
Read Moreमौन नि:शब्द मन की एक मूक भाषा,परिस्थिति पर निर्भर जिसकी परिभाषा,कभी स्वीकृत पथ बढ़ा शांति की ओर,या तूफानों के आने
Read Moreपूर्णिमा की रात है धरती पर नव यौवन खिला,रात रानी के मुस्कुराने से पवन में मकरंद घुला,तारों की टोली गगन
Read Moreजनता ने अपना श्रेष्ठ नेता सच्चे दिल से चुना,जीत खुशियों का राजधानी में मधुरम गुनगुना,वर्षों की धैर्य, तपस्या, त्याग का
Read Moreमाघ मास की पावन तिथि अमावस्या,जनप्रचलित कहते है मौनी अमावस्या,यह तिथि है अत्यंत ही शुभ फलदायक,पुण्यदाई, संकटनिवारणी, लाभदायक । वाणी
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