कविता

गणतंत्र दिवस

आजादी को हासिल करके , आज के दिन , भारत को गणराज्य बनाया था। 26 जनवरी 1950 को, देश भारत ने , संविधान पारित कर संविधान लागू करवाया था।। आजादी को हासिल करके, भारत को गणराज्य बनाया था। राष्ट्र का यह पर्व , राष्ट्र के साथ भाईचारे से , हर हिंदुस्तानी ने मनाया था।। संविधान […]

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स्वतंत्रता का मूल्य

स्वतंत्रता का मूल्य चुकाना है। आज हमें वेद आधारित देश बनाना है। गुलाम हुई हर सोच को, अंधविश्वासों से बाहर लाना है।   स्वतंत्रता का मूल्य चुकाना है। राम-कृष्ण के आदर्शों का, गुणगान बढ़ाना है।    बाबर से अंग्रेजों तक के, इतिहास से सबक भी पाना है।   फिर न ग़ुलाम होंगे, भारत माँ को विश्वास दिलाना है।   बाल, लाल, पाल, […]

कविता

बच्चे

सभी बच्चों के  हिस्सें में बचपन नहीं होते। पैदा तो होते है लेकिन हाथों के झूले नहीं होते। सभी बच्चों के  हिस्सें में बचपन नहीं होते। स्कूल बैग और यूनीफार्म नहीं होते। सभी बच्चों के  हिस्सें में बचपन नहीं होते। कुछ निकल पड़ते है… टाट के बोरे लिए कबाड़ बीनने। क्योंकि उनके हिस्से में , […]

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यात्रा

स्त्री की यात्रा सुगम नहीं होती। पीढ़ी- दर -पीढियों ने जिसे पीताड़ित किया हो। अस्तित्व को हमेशा  ही चिन्हित किया हो। असितत्व की ऐसी लड़ाई सुगम नहीं होती। स्त्री की यात्रा सुगम नहीं होती। हर दिन जीने की कोशिश में आये दिन मरती। सबके लिए करते हुए भी सुनतीं हैं…. कुछ नहीं वो करती। अपने […]

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कविता: श्रद्धा ही……. श्राद्ध है

श्रद्धा ही श्राद्ध है इसमें कहाँ अपवाद है। सत्य …..सनातन सत्य जो वैज्ञानिकता का आधार है। इसमें कहाँ अपवाद है …श्रद्धा ही श्राद्ध है। सत्य -सनातन संस्कृति पर जो उंगलियां उठाते है। इसे ढोंगी…ढपोरशंखी बताते है। वो भरम में ही रह जाते है। आधें सच से सच्चाई तक कहाँ पहुंच पाते है। श्राद्ध …..श्र द्धा और विश्वास है। यह निरीह प्राणियों की आस है। यह […]

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वीर सावरकर

भारत की भूमि पर जन्मा,  विनायक दामोदर सावरकर ऐसा वीर किरदार कहलाया है। सावरकर का हर एक कदम,  विश्व में पहले स्थान पर आया है।  भारत मां को समर्पित जीवन, हिंदुत्व का इतिहास बनाया था।  सर्वप्रथम उसने ही विदेशी वस्त्रों की होली जला , स्वदेशी  होने का मान बढ़ाया था। दुनिया का वह पहला कवि […]

कविता

आज के दिन

आज ही …के दिन अनगिनत उम्मीदों ने दम तोड़ा था । मैं किस रब से जाकर पूछता। सबसे पहले उसी ने विश्वास तोड़ा था। आज ही के दिन अनगिनत उम्मीदों ने दम तोड़ा था ।  सुना था उम्मीदों पर…जिंदगी कायम रहती हैं । कुछ भी ना हो लेकिन एक उम्मीद कुछ होने की  हमेशा कायम […]

कविता

बी.आर. अंबेडकर

भीमराव से बाबा साहेब की , संघर्षमय कहानी थी । दलितों को न्याय देने की,  बचपन से ही ठानी थी । भीमराव से बाबासाहेब की, संघर्षमय कहानी थी।  अर्थ ,कानून, सुधार की,  देश में न्याय संगत नींव डाली थी।  छुआछूत के विरोध में,  समान अधिकारों की,  अचूक बात कह डाली थी।  भीमराव से बाबा साहेब […]

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मुख्यमंत्री जी का आना

मुख्यमंत्री जी के आते ही , सुस्त हुआ प्रशासन,  हरकत में आ जाता है । सरकारी कर्मचारी कुर्सी पर,  किस काम के लिए बैठे हैं । उन्हें अपना काम,  कुछ घंटों के लिए ही सही,  पर याद आ जाता है । मुख्यमंत्री जी के आते ही, स्वच्छता अभियान…. असल में……. ऐसा होता है । सिर्फ […]

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विश्व शांति ….होली

रंग जिंदगी का हिस्सा है।  रंग -बिरंगी दुनिया में रंगों का अपना किस्सा है।  क्यों ….हम विश्व शांति हेतु प्रयास नहीं कर पाए हैं । लाल रंग की प्यास में अपनी धरती को, मनुष्यता के खून से लाल कर आए हैं । आओ सारे अपनी मेहनत से धरा को हरा-भरा बनाए।  कोई पेट भूखा ना […]