मानव ने बदल दिया जीने का ढंग
कुदरत ने एक बार फिर मचा दी तबाहीसुबह के अंधेरे में अपनी तलवार चलाईमौका नहीं दिया किसी को संभलने कान
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Read Moreचीर कर सर्द हवाओं का सीनापार करके बर्फ से ढके पहाड़भाग गया दुश्मन डर के मारेसुन कर भारत के वीरों
Read Moreकारगिल दिवस, जो हर साल 26 जुलाई को मनाया जाता है, भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है। यह
Read Moreतीन सौ यूनिट बिजली फ्रीदेने का जो किया था वायदासत्ता जब मिल गई झूठ सेतब एक सौ पच्चीस भी लग
Read Moreबहता दरिया है यह बहता ही रहेगासमय न रुका है न किसी के लिये रुकेगा।सब ख़ाक हो जाएगा इसकी नज़र
Read Moreपेपर लीक कोई है करताखामियाजा कोई है भरतागरीब को तो मार दिया तूनेअमीर फिर भी नहीं है डरता हमारे तंत्र
Read Moreकाम करो ऐसा कि आदमी अच्छा इंसान हो जायेज़्यादा नहीं बस लोगों में इक पहचान हो जायेकिसी के काम आ
Read Moreबादल बरसे हल्के हल्केधरा भी मन्द मन्द मुस्कुराईवनस्पति के चेहरे पर आई रौनकठंडी ठंडी चले पुरवाई पशु पक्षी जीवजन्तु सबबारिश
Read Moreमन में तेरे मैल भरा, कर ले इसको साफकुर्सी पर भी बैठ कर, नहीं होगा इंसाफ। कैसा समय अब आ
Read Moreमिल ही जाएगी मंजिल उन्हें जो चलते जाएंगेवो कैसे पार जाएंगे जो बैठे रहेंगे किनारेकर्म तो करना ही पड़ेगा जिंदगी
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