गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 30/07/202630/07/2026 0 Comments ग़ज़ल अब हमें तो मुस्कुराना आ गया।आज अपना ग़म भुलाना आ गया। गा रहे थे प्रीत के ही गीत हम।याद वो Read More
गीत/नवगीत *रवि रश्मि 'अनुभूति' 29/07/202629/07/2026 0 Comments सच्चे सद्गुरु जब मिलते हैं, होता सच्चा ज्ञान सच्चे सद्गुरु जब मिलते हैं, होता सच्चा ज्ञान।ज्योति जलाते जीवन की गुरु, होता हमको भान। तम अज्ञान का दूर कर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 26/07/202626/07/2026 0 Comments ग़ज़ल देख हर कोई यहाँ नादान है।ज़िंदगी से रख सके पहचान है। बात छोटी पर परेशानी बढ़े।वे न लेते तब मगर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 04/07/202604/07/2026 ग़ज़ल बन रही आज दीवार अब क्या करें।नफ़रतों से करें प्यार अब क्या करें।। ये ज़माना किधर जा रहा है सोच Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 01/07/202629/06/2026 गज़ल अब गुज़र होता नहीं तेरे बिना।अब नहीं मिलती खुशी तेरे बिना।। किस नगर तू ही बता अब जा रहा।अब नहीं Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 19/06/202619/06/2026 गज़ल आज जलवा हम दिखाने लगे।लोग जी अपना जलाने लगे।। आँधियाँ जो अब यहाँ चलने लगीं ।लोग हमको देख धमकाने लगे।। Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 29/05/202629/05/2026 ग़ज़ल देख जलती शमा रोशनी मिल गई।हद से ज़्यादा हमें खुशी मिल गई।। जब अँधेरा किया राह में ही सनम।गुनगुनाती हुई Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 20/05/202620/05/2026 ग़ज़ल हम रहे देखो सदा बेकार – से।आज भी डरते नहीं हैं हार से।। राजशाही ठाठ था हमको मिला।बचपना गुज़रा तभी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 29/04/202629/04/2026 ग़ज़ल वो अगर बेवफ़ा नहीं होता।घाव तब तो नया नहीं होता।। डाल से तोड़ कर सुनो फेंका।आज कुचला गया नहीं होता।। Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 27/04/202628/04/2026 गज़ल तुम्हारी हो गई कान्हा हृदय अनुराग जागा है।लिए मन भावना यह तो तुम्हारी ओर भागा है।। सदा चलती हुईं साँसें Read More