गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 27/11/202527/11/2025 0 Comments ग़ज़ल दिल में उमड़ा अब तो एक समुंदर देखा।रोज़ होता अब झगड़ा सुन घर-घर देखा।। नौकरी की जब-तब खोज में निकले Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 26/11/202526/11/2025 0 Comments ग़ज़ल निराश में दुख होता दिखाई देता है।फिर देख सुंदर सपना दिखाई देता है।। चली जो टूट अभी आस तू न Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 22/11/202522/11/2025 ग़ज़ल भूल जाओ तुम अनादर ही करने का तरीका।याद रखना तुम बड़ों का मान रखने का तरीका।। अब किसी की बात Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 16/11/202516/11/2025 ग़ज़ल सौदा करने हम जो बढ़ते हर क़दम घाटा मिला।।चल पड़े जो राह में ही हर तरफ़ काँटा मिला। बरसात में Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 12/11/202512/11/2025 ग़ज़ल रहा यह देश वीरों का, सभी इसको सँभालेंगे।कभी आये कोई दुश्मन, तभी उसको हकालेंगे।। उड़े जाते सभी अब तो, सुनो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 12/11/202512/11/2025 ग़ज़ल बढ़े हैं क़दम ही भी इधर धीरे- धीरे।मिलेगी सुहानी अभी डगर धीरे-धीरे।। करो प्यार दिल से निभाना ज़रूरी।तभी हो रहेगा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 08/11/202510/11/2025 ग़ज़ल चाँद जब उतरा ज़मीं पर चाँदनी ही छा गयी।ख़ूबसूरत इस फ़ज़ा में ख़ुशनुमाई आ गयी।। माना है महबूब तुमको गर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 28/10/202528/10/2025 ग़ज़ल आज ज़ख़्मी हो यही तो ज़िन्दगानी रह गई।की मुहब्बत तो किसी की बन दिवानी रह गई।। अक्स देखा सामने तो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 25/10/202525/10/2025 ग़ज़ल दिल लगाते रहो संग गाते रहो।साथ रिश्ते सभी के निभाते रहो।। मुफ़लिसी में रहे लोग जो भी दिखें।बात इंसानियत की Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 22/10/202522/10/2025 ग़ज़ल लो खुशी के अभी गीत गाते रहो।मुस्कुरा कर दिवाली मनाते रहो।। पूजना आज लक्ष्मी तभी आएगी।भोग देखो सभी ही चढ़ाते Read More