गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 19/06/202619/06/2026 0 Comments गज़ल आज जलवा हम दिखाने लगे।लोग जी अपना जलाने लगे।। आँधियाँ जो अब यहाँ चलने लगीं ।लोग हमको देख धमकाने लगे।। Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 29/05/202629/05/2026 ग़ज़ल देख जलती शमा रोशनी मिल गई।हद से ज़्यादा हमें खुशी मिल गई।। जब अँधेरा किया राह में ही सनम।गुनगुनाती हुई Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 20/05/202620/05/2026 ग़ज़ल हम रहे देखो सदा बेकार – से।आज भी डरते नहीं हैं हार से।। राजशाही ठाठ था हमको मिला।बचपना गुज़रा तभी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 29/04/202629/04/2026 ग़ज़ल वो अगर बेवफ़ा नहीं होता।घाव तब तो नया नहीं होता।। डाल से तोड़ कर सुनो फेंका।आज कुचला गया नहीं होता।। Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 27/04/202628/04/2026 गज़ल तुम्हारी हो गई कान्हा हृदय अनुराग जागा है।लिए मन भावना यह तो तुम्हारी ओर भागा है।। सदा चलती हुईं साँसें Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 03/04/202603/04/2026 ग़ज़ल आ खड़े हम हैं हुये अब मुश्किलों के मोड़ पर।हो परेशां हम गये हैं साज़िशों के मोड़ पर।। था गुनाह Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 26/03/202626/03/2026 ग़ज़ल देख हद हो गई शरारत की।बात कर ले अभी नफ़ासत की।। दो घड़ी बैठ अब कहें हम तो।क़ैद होती हुई Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 21/03/202621/03/2026 ग़ज़ल लीक से हटकर चल रही दुनिया।आज नियमों से टल रही दुनिया।। काम कुछ भी नहीं सभी चलते।क्यों न जाने टहल Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 17/03/202617/03/2026 ग़ज़ल बन रही आज दीवार अब क्या करें।नफ़रतों से करें प्यार अब क्या करें।। ये ज़माना किधर जा रहा है सोच Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 03/03/202603/03/2026 ग़ज़ल देख तुमसे हमें तो गिला ही नहीं।आज ऐसा अभी तक मिला ही नहीं।। देहरी आज सूनी रही देख लो।एक भी Read More