गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 25/10/202625/10/2026 0 Comments ग़ज़ल साथ फलता नहीं है यकीं मानिए।चोर सब ही बने हैं यकीं मानिए।। बंगले का अभी क्या हाल हो गया।भव्यता लुट Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 24/10/202624/10/2026 0 Comments ग़ज़ल नारी बनी है यूँ अग्नि अंदर बसाई आज की सीता।देखो तो लड़ती है अपनी लड़ाई आज की सीता।। सामना करती Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 15/10/202615/10/2026 0 Comments ग़ज़ल देख आँसू बहा ना सका फिर कभी।गीत भी देख गा ना सका फिर कभी।। ज़ख़्म ऐसे लगे दिल तन्हा ही Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 10/10/202610/10/2026 ग़ज़ल देख आँसू बहा ना सका फिर कभी।गीत भी देख गा ना सका फिर कभी।। ज़ख़्म ऐसे लगे दिल तन्हा ही Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 06/10/202606/10/2026 ग़ज़ल दिन लगे हैं सुहाने तुम्हें देखकर।प्यार आ ही गया है तुम्हें देखकर।। देख कोई अभी तक जँचा ही नहीं।हम लगे Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 02/10/202626/09/2026 ग़ज़ल होती है तकरार उन्हीं से।लेते हैं उपहार उन्हीं से।। लड़ना जिसने देख सिखाया।सीख लिया इज़हार उन्हीं से। घूँट रहे पीते Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 26/09/202626/09/2026 ग़ज़ल होती है तकरार उन्हीं से।लेते हैं उपहार उन्हीं से।। लड़ना जिसने देख सिखाया।सीख लिया इज़हार उन्हीं से। घूँट रहे पीते Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 26/09/202626/09/2026 ग़ज़ल प्यार करते रहे हम तो जी-जान से।आज आगे बढ़े देख ले शान से। झूमता ही रहा मन उन्हीं के लिए।था Read More
कविता *रवि रश्मि 'अनुभूति' 16/09/202616/09/2026 हिंदी दिवस हिंदी बन पहचान ही, सदा बढ़ाती शानविश्व इसे अपना रहा, मिलता इससे मानबोली जाती खूब ही, बड़ी प्यारी भाषा,सभी सीखें Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 01/09/202601/09/2026 ग़ज़ल किया प्यार तुझसे बता कर निभाना।चलो जीत लें मुस्कुरा कर ज़माना।। दिया दर्द तुमने अभी सह रहे हैं।लगाया निशाना दिखा Read More