दोहा गीतिका
चाल चलन चेहरा करनी कथनी किरदारबदला वक्त बदल देता है क्या क्या यार जितनी बार मिलाया हाथ भरोसे सेहमने अक्सर
Read Moreचाल चलन चेहरा करनी कथनी किरदारबदला वक्त बदल देता है क्या क्या यार जितनी बार मिलाया हाथ भरोसे सेहमने अक्सर
Read Moreजब से उसने दिल होने का फ़र्ज़ निभाना छोड़ दियादिल ने भी उसकी बातों से सदमा खाना छोड़ दिया ख़ुदग़र्ज़ी
Read Moreवफ़ा ख़ुलूस मोहब्बत ईमान, इस युग मेंबची कहाँ ज़बान में ज़बान, इस युग में हरेक शख़्स है मुरीद सिर्फ़ दौलत
Read Moreकुंठा दी है ताव दिया हैकटुता ने पथराव दिया है मानवता को धर्मो ने हीसबसे गहरा घाव दिया है तर्क
Read Moreआँख फेरो सर झुकाओ चुप रहो आह को दिल में दबाओ चुप रहो झूठ के बाज़ार में सच बोलकर भेंट
Read Moreरगडे झगडे खीचातानी मारा मारी काए कू कर रक्खा है अपने ऊपर शैतां भारी काए कू दो गज कपड़ा नौ
Read Moreचुलबुली नमकीन सी तक़रार अब है ही कहाँ दिल जला है आदमी दिलदार अब है ही कहाँ दर्द लेकर सौंपता
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