गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 19/04/202619/04/2026 0 Comments ग़ज़ल इस तरह से ज़िन्दग़ी में संतुलन कायम रखोकोशिशें ज़्यादा हमेशा और हसरत कम रखो पीठ पीछे मुस्कुराएगा ज़माना देख करमश्विरा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 28/03/202628/03/2026 ग़ज़ल आजादी के परवानों के सपनो से मत घात करोजिससे हो कमज़ोर वतन मत ऐसी कोई बात करो धर्मों के झंडाबरदारो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 16/02/202616/02/2026 ग़ज़ल इसको झुठलाना धोखा है भाई जीअति का अंत बुरा होता है भाई जी जीवन नर्क बना देता है कलियुग मेंसच Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 28/01/202628/01/2026 ग़ज़ल भर रही है लालसा हुंकार पैसों के लियेबढ़ रही है हर तरफ़ तक़रार पैसों के लिये भाँज कर विश्वास पर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 20/12/202520/12/2025 ग़ज़ल धर्म ख़तरे में है और न बंदगी ख़तरे में हैमज़हबी उन्माद से बस आदमी ख़तरे में है रच रहे हैं Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 17/11/202517/11/2025 ग़ज़ल है बहुत काबिल मगर सच्चा बहुत हैइसलिये उसकी मुझे चिंता बहुत है रूह से मिलना तभी विश्वास करनाजिस्म के किरदार Read More
बाल कविता *सतीश बंसल 17/11/202517/11/2025 बाल कविता बैठ चादनी के रथ चंदामामा के घर जाऊँ।आसमान से तोड़ सितारेआँगन में लटकाऊँ।। चिडिया मुझे सिखा देवे यदिउड़ना फुर फुर Read More
गीत/नवगीत *सतीश बंसल 17/11/202517/11/2025 गीत पूर्ण श्रद्धा से झुकाकर सर समय के सामनेकर हवाले देर के अँधेर के साए घने।मौन मन में कर नियोजित जीत Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 12/10/202512/10/2025 ग़ज़ल नही, नाराज़ हूँ ऐसा नही हैमुझे तुमसे गिला शिकवा नही है करे दिल खोल कर दिल बात जिसमेंबस अब वो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 12/09/202512/09/2025 ग़ज़ल सब्र कभी जब अपने तेवर बदलेगाबस्ती से तख़्तो तक मंज़र बदलेगा कब तक ठहरेगा टूटी झोंपडियों मेंआख़िर ड़र भी तो Read More