गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 28/01/202628/01/2026 0 Comments ग़ज़ल भर रही है लालसा हुंकार पैसों के लियेबढ़ रही है हर तरफ़ तक़रार पैसों के लिये भाँज कर विश्वास पर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 20/12/202520/12/2025 ग़ज़ल धर्म ख़तरे में है और न बंदगी ख़तरे में हैमज़हबी उन्माद से बस आदमी ख़तरे में है रच रहे हैं Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 17/11/202517/11/2025 ग़ज़ल है बहुत काबिल मगर सच्चा बहुत हैइसलिये उसकी मुझे चिंता बहुत है रूह से मिलना तभी विश्वास करनाजिस्म के किरदार Read More
बाल कविता *सतीश बंसल 17/11/202517/11/2025 बाल कविता बैठ चादनी के रथ चंदामामा के घर जाऊँ।आसमान से तोड़ सितारेआँगन में लटकाऊँ।। चिडिया मुझे सिखा देवे यदिउड़ना फुर फुर Read More
गीत/नवगीत *सतीश बंसल 17/11/202517/11/2025 गीत पूर्ण श्रद्धा से झुकाकर सर समय के सामनेकर हवाले देर के अँधेर के साए घने।मौन मन में कर नियोजित जीत Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 12/10/202512/10/2025 ग़ज़ल नही, नाराज़ हूँ ऐसा नही हैमुझे तुमसे गिला शिकवा नही है करे दिल खोल कर दिल बात जिसमेंबस अब वो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 12/09/202512/09/2025 ग़ज़ल सब्र कभी जब अपने तेवर बदलेगाबस्ती से तख़्तो तक मंज़र बदलेगा कब तक ठहरेगा टूटी झोंपडियों मेंआख़िर ड़र भी तो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 28/08/202528/08/2025 ग़ज़ल इसमें इतना अचरज क्या हैछल को सत्य सदा अखरा है उनकी छटपट से लगता हैतीर निशाने पर बैठा है ऐंठ Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 10/07/202510/07/2025 ग़ज़ल पहले अपने चाल चलन की बातें करफिर विषधर की या चंदन की बातें कर प्यार मुहब्बत दिल धड़कन की बातें Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 12/06/202512/06/2025 ग़ज़ल पुतलों की भीड़ है हरेक आदमी के पासआता है कौन दिल से आजकल किसी के पास है बेसबब हरेक ज़िन्दगी Read More