गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 28/08/202528/08/2025 ग़ज़ल इसमें इतना अचरज क्या हैछल को सत्य सदा अखरा है उनकी छटपट से लगता हैतीर निशाने पर बैठा है ऐंठ Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 10/07/202510/07/2025 ग़ज़ल पहले अपने चाल चलन की बातें करफिर विषधर की या चंदन की बातें कर प्यार मुहब्बत दिल धड़कन की बातें Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 12/06/202512/06/2025 ग़ज़ल पुतलों की भीड़ है हरेक आदमी के पासआता है कौन दिल से आजकल किसी के पास है बेसबब हरेक ज़िन्दगी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 24/05/2025 ग़ज़ल माना सच कहना इतना आसान नही है भाई जीपर कायर इंसानों का कुछ मान नही है भाई जी जो सचमुच Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 30/04/202501/05/2025 ग़ज़ल हम बच्चों को जो व्यवहार सिखाएंगेबच्चे पीढ़ी दर पीढ़ी दोहराएंगे हाँ सारी दुनिया में वैसा ही होगाहम घर में जैसा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 24/03/202524/03/2025 इस दुनिया का नूर हैं हम इस दुनिया का नूर हैं हमबुल्ले, नानक, सूर हैं हम जोड़ रहे युग को युग सेरीति प्रथा दस्तूर हैं हम Read More
कुण्डली/छंद *सतीश बंसल 02/03/202527/02/2025 कुण्डली कवि लेखक आचार्य गुरु, पत्रकार सरकारआड़म्बर के पाप में, कितने भागीदारकितने भागीदार, करें किस किस का चर्चालिखते लिखते नाम, पड़ेगा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 19/02/202519/02/2025 ग़ज़ल गिरने की हर हद को पार करे है अबअपना ही अपनो पर वार करे है अब अपने औरा के साए Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 23/01/202523/01/2025 ग़ज़ल भ्रम में डालेगा मन को उकसाएगालालच जब जागेगा पाप कराएगा जो भी अपनी हद के बाहर जाएगाअनचाही पीड़ा की जद Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 02/12/202402/12/2024 ग़ज़ल उसने जब जब घावों पर नश्तर रक्खाहमने अपने सीने पर पत्थर रक्खा आया है अनहोनी की जद के भीतरजिसने ख़ुद Read More