गीत/नवगीत सतीश चन्द्र श्रीवास्तव 10/10/202610/10/2026 0 Comments गीत किसके लिए सजाए राधातूने कुंकुम और रंगोली।किसके इंतजार में पागलबैठी है,तू कितनी भोली।। वह तो छलिया, मधु का लोभीउपवन के Read More
गीतिका/ग़ज़ल सतीश चन्द्र श्रीवास्तव 02/10/202602/10/2026 गीतिका नई नई तरकीब निकाले सत्ता का नाकाम मदारी।सभी बंदरिया घुड़क रही हैं, कुछ तो हुआ घोटाला है।। हरेक पैंतरे फेल Read More