~संस्कार~
पुरानी पीढ़ी ने हमें कंधो पर बैठाया सच्चे बुरे का सभी फर्क समझाया| पर हम तो भागती दुनिया के पीछे
Read Moreचित भी उसकी पट भी उसकी हमारा क्या था कुछ भी तो नहीं वह जिधर कहता उधर चल पड़ते जिधर
Read More” ‘ कौन है रे तू ‘ //ये राजपथ है ऐसे कैसे मुहं ढके चली आ रही है | “
Read More‘एक तो घर में जगह नहीं उप्पर से नये कपड़े चाहिए पर पुराने किसी को देने को कहो तो मुहं
Read Moreसाहित्यकारों के सम्मान लौटाने की होड़ मची हुई थी | थोड़ा हो हल्ला हुआ | एक दूजे को गलत साबित
Read Moreउफ़ अपने दिल की बात बतायें कैसे दिल पर हुए आघात जतायें कैसे| दिल का घाव नासूर बना अब मरहम
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