माहिया छंद – नोक झोंक
जो देखोगे ऐसे,बढ़ती धड़कन है,गुजरेंगे फिर कैसे? नज़रें तो मिलने देमेंरी आँखों मेंसपने तो पलने दे। सपनो का क्या बोलोजागी
Read Moreजो देखोगे ऐसे,बढ़ती धड़कन है,गुजरेंगे फिर कैसे? नज़रें तो मिलने देमेंरी आँखों मेंसपने तो पलने दे। सपनो का क्या बोलोजागी
Read Moreमुंडन,सोहर,शादी,ब्याह,सब करें हम हिंदी मेंद्वार छिकाई काजल कराई वो भी होती हिंदी मेंमाड़ो में ज़ब आये बाराती तो गाली भी
Read Moreबसूँ साँसों में तेरी सदा राधा जैसी,हरे तू विघ्न मेरा दीवानी मीरा सम,है ये चाहत की रुक्मणी ही बनूँ तेरी,नहीं
Read Moreनीरव मन में उद्वेलित कुछ वह लम्हें,खुलने को आतुर अधखुली सी गिरहें,कुसुमित स्मित मृदु प्रणय के वह पलदृग पुलिनों में
Read Moreआज नंदिनी काफ़ी पुराने यादों में ना जाने क्यों उलझ गई, या यूँ कह सकते हैं इस उलझन को सुलझाना
Read Moreये मौन अधर मुखरित लोचन,तुम कहाँ पढ़े विमल सा मनपहुँची भी नहीं तनिक तुम तकमेरे इस हृदय का स्पंदन?कहते हैं
Read Moreन जाने उस बक्से में क्या, रख देती थी मेरी मां।जब भी उसको खोले तब तब, मुस्का देती मेरी मां।।
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